Tuesday, 10 May 2016

जानिए किन किन हालातों में आप अपना पीएफ निकाल सकते है ये है सरकार की नियम व शर्ते

आप दो महीने या उससे अधिक समय के लिए बेरोजगार हैं तो अपने प्रॉविडेंट फंड (पीएफ) यानी कर्मचारी भविष्य निधि से पूरी रकम निकाल सकते हैं। दूसरी बात, रोजगार में रहते हुए भी आप पीएफ की रकम निकाल सकते हैं लेकिन कुछ शर्तों और नियमों के साथ.

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क्या हैं ये शर्तें और नियम व किन हालातों में निकाल सकते हैं आप अपने पीएफ की रकम, आइए मोटा-मोटी तौर पर जानें :

मकान बनाना है या खरीदना है तो... 
एम्पलॉयीज प्रॉविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (EPFO) के संबंधित नियमों के मुताबिक, अगर आप मकान बनाना चाहते हैं या फिर खरीदना चाहते हैं तब अपने पीएफ में से एकबारगी पैसा निकाला जा सकता है। इसके पीछे शर्त यह है किआपको नौकरी करते हुए कम से कम पांच साल का समय हो चुका हो। ध्यान रहे यह रकम आपके 36 महीने के कार्यकाल की बेसिक सैलरी और डीए (यदि हो तो) के बराबर या फिर नियोक्ता और कर्मचारी के कुल कंट्रीब्यूशन (ब्याज समेत), इनमें से जो भी न्यूनतम हो, के बराबर हो सकती है।

प्लॉट खरीदना हो तो... 
अगर एंप्लॉयी को अपना प्लॉट खरीदना है तब भी वह पीएफ की रकम में से पैसा निकाल सकता है। इस पर भी शर्त है कि नौकरी करते हुए व्यक्ति को कम से कम पांच साल हो चुके हों। यह रकम कर्मी की 24 महीने की बेसिक सैलरी और डीए (यदि हो तो) या फिर नियोक्ता और कर्मचारी के कुल कंट्रीब्यूशन जिसमें ब्याज भी शामिल हो या फिर जितने में प्लॉट खरीदा जा रहा है, इनमें से जो भी न्यूनतम हो, उतनी रकम निकाली जा सकती है।

घर की रिपेयरिंग करवानी है तो... 
यदि आपको घर में रिपेयरिंग करवानी है तब भी आप पीएफ से पैसा विदड्रॉ कर सकते हैं। मगर, आपको पांच साल काम करते हुए हो चुके हों यानी पीएफ अकाउंट पांच साल से हो। विदड्रॉल की रकम आपके डीए समेत 12 महीने की बेसिक सैलरी के बराबर या फिर कर्मी के पीएफ में कंट्रीब्यूशन (ब्याज समेत) की रकम या फिर रिपेयरिंग पर आने वाले कुल खर्चे के बराबर हो सकता है, इनमें से जो भी न्यूनतम हो।

आपने होम लोन लिया हुआ है तो.... 
अगर आपने होम लोन लिया हुआ है, तब आप अपनी नौकरी के 10 साल पूरे होने के बाद पीएफ की रकम निकाल सकते हैं। पैसा निकालने संबंधी सीमा और शर्त वही है जोकि मकान के कंस्ट्रक्शन और परचेज के लिए है।

रोग-बीमारी की स्थिति में मेडिकल ट्रीटमेंट संबंधी.... 
अपने पीएफ अकाउंट से पैसा आप तब भी निकाल सकते हैं जब आप परिवार के किसी सदस्य की बीमारी का इलाज करवाने की जरूरत आन पड़ी हो। पर, केवल उसी बीमारी के लिए जिसमें एक महीने या उससे अधिक के लिए हॉस्पिटलाइजेशन करवाया गया हो या करवाना हो। अच्छी बात यह है कि मेडिकल ट्रीटमेंट के मामले में पीएफ की रकम निकालने संबंधी टेन्योर (कितने समय से पीएफ अकाउंट होल्डर हैं) संबंधी शर्त लागू नहीं होती है।

लेकिन, यह भी ध्यान दें कि... 
यदि आप जॉइंट प्रॉपर्टी में से शेयर खरीदना चाहते हैं या फिर किसी ऐसी साइट पर मकान खड़ा करना चाहते हैं जो कि संयुक्त रूप से मालिकाना हक वाली हो तो आप पीएफ से पैसा निकालने के योग्य नहीं माने जाएंगे सिवाए इस आधार के कि वह संयुक्त मालिकाना हक आपकी बीवी या पति का हो।

पैसा निकालने की प्रक्रिया यह है..
यदि आप उपरोक्त किसी भी कारण से पीएफ अकाउंट में से पैसा निकालना चाहते हैं तो आपको फॉर्म 31 भरकर देना होगा और इसके साथ डिक्लेयरेशन भी देना होगा। जैसे यदि आपको होम लोन की आउटस्टैंडिंग के लिए पैसा निकालना है तो संबंधित बैंक का प्रूफ देना होगा।

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